विद्युत उत्‍पादन

नवीकरणीय ऊर्जा एवं वितरित उत्पादन

नवीकरणीय ऊर्जा

नवीकरणीय ऊर्जा (आरई) को "ऊर्जा सुरक्षा’’ और वर्ष 2020 तक "ऊर्जा स्वतंत्रता" के लक्ष्य  की दृष्टि से एक वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत के रूप में माना जा रहा है। नवीकरणीय ऊर्जा प्रौद्योगिकियां न केवल बिजली प्रदान करती हैं, बल्कि एक स्वच्छ पर्यावरण और विद्युत का अपेक्षाकृत कम शोरगुलयुक्त स्रोत प्रदान करती हैं।


लक्ष्य

एनटीपीसी ऊर्जा के पारंपरिक और गैर पारंपरिक स्रोतों के मूल्यां कन द्वारा व्यापक उत्पादन मिश्रित आधार तैयार करने की योजना बना रहा है ताकि दीर्घकालीन प्रतिस्प‍र्धा सुनिश्चित की जा सके और ईंधन संबंधी जोखिमों को कम किया जा सके।


विज़न

“सस्ती कीमत में स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों के माध्यम से ग्रीन पावर प्रदान करना, स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देना”


नवीकरणीय विद्युत का पोर्टफोलियो

एनटीपीसी ने वर्ष 2017 तक 1,000 मेगावाट के माध्यम से अक्षय संसाधनों की क्षमता वृद्धि के अपने व्यापार की योजना तैयार की है . इस प्रयास में एनटीपीसी पहले ही 95 मेगावाट सौर पीवी परियोजनाओं को कमीशन कर चुकी है तथा 15 मेगावाट सौर पीवी और 8 मेगावाट की लघु जल विद्युत परियोजनाओं के तहत कार्यान्वयन हैं।


नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाएं


सौर ऊर्जा:
  • कमीशन की गई परियोजनाएं (95 मेगावाट)
क्रम संख्या परियोजना राज्य / केन्द्र शासित प्रदेश क्षमता (मेगावाट)
1. दादरी सौर पीवी उत्तर प्रदेश 5
2. पोर्टब्लेयर सौर पीवी अंडमान और निकोबार द्वीप 5
3. रामागुंडम सौर पीवी (प्रथम चरण) तेलंगाना 10
4. तालचेर कनिहा सौर पीवी ओडिशा 10
5. फरीदाबाद सौर पीवी हरियाणा 5
6. ऊंचाहार सौर पीवी उत्तर प्रदेश 10
7. राजगढ़ सौर पीवी मध्य प्रदेश 50
कुल 95

इसके अलावा, विभिन्न एनटीपीसी स्टेशनों पर सौर परियोजनाओं को व्यवहार्यता के लिए लगाया जा रहा है।

  • कार्यान्वयन के अंतर्गत परियोजनाएं (15 मेगावाट)

    • उत्तर प्रदेश के सिंगरौली में एनटीपीसी की 15 मेगावाट की जलविद्युत आधारित परियोजना।
  • पवन ऊर्जा :

    • निविदा के तहत परियोजनाएं (80 मेगावाट)
      • कर्नाटक में 40 मेगावाट की पवन ऊर्जा परियोजना।
      • महाराष्ट्र में 40 मेगावाट की पवन ऊर्जा परियोजना।

    इसके अलावा, कर्नाटक सरकार द्वारा आवंटित स्थल पर एक पवन परियोजना की योजना बनाई है।


    हाइड्रो ऊर्जा:

    • निष्पादन के तहत परियोजनाएं (8 मेगावाट)

      • उत्तर प्रदेश के सिंगरौली में एनटीपीसी की 8 मेगावाट पनबिजली ऊर्जा आधारित परियोजना।

जियोथर्मल ऊर्जा:

  • छत्तीसगढ़ में तत्तापानी जियोथर्मल परियोजना: छत्तीसगढ़ सरकार के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर। 

    जीएसआई के सहयोग से व्यवहार्यता अध्ययन प्रगति पर हैं।

वितरित उत्पादन

भारत की महत्वाकांक्षी विकास योजनाओं में सभी क्षेत्रों, विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्र, जहां हमारी दो तिहाई आबादी अपना जीवन यापन करती है, को शामिल किए जाने की आवश्यकता है। इस तरह के आर्थिक विकास लक्ष्य को ऊर्जा की उपलब्धता और बाद में कुशल ऊर्जा प्रबंधन जो ग्रामीण विकास के लिए महत्वपूर्ण है, के बिना हासिल नहीं किया जा सकता है। वर्ष 2001 की जनगणना के अनुसार लगभग 44% ग्रामीण परिवारों को बिजली उपलब्ध नहीं है1 कुछ गांव सुदूर और दुर्गम क्षेत्रों में स्थित हैं, जहां विद्युत पारेषण नेटवर्क का विस्तार या तो असंभव या बहुत ही महंगा है। अब तक कुल 16 डीजी परियोजनाएं कमिशन की जा चुकी है जिनकी कुल क्षमता 340 कि. वा. है तथा 2233 घरों को बिजली दी गई है।

पुरस्कार:

  • " वितरित उत्पादन में उत्कृष्टता " की श्रेणी में आईईईएमए पावर पुरस्कार -2009।

  • "एनेर्जीजिंग विलेजिस" एनटीपीसी वितरित उत्पादन फिल्म को, पब्लिक सोसाइटी ऑफ़ इंडिया,हैदराबाद द्वारा "विकास उद्यम" श्रेणी के लिए सम्मानित किया गया।